शेयर बाजार: मजबूत शुरुआत, वैश्विक तेजी का असर


मार्च-अप्रैल के दौरान बीएसई की कुल वैल्यू में इन 15 शेयरों की हिस्सेदारी 40 फीसदी थी. दिसंबर 2017 के दौरान यह हिस्सेदारी 30 फीसदी से भी कम थी. उसके बाद से इसमें लगातार इजाफा हुआ है.

ऐस इक्विटी के आंकड़े बताते हैं कि 25 मार्च के बाद से टॉप-15 शेयरों के मार्केटकैप में 8.4 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. इस दौरान बीएसई के मार्केट कैप में 21 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. इस बीएसई के मार्केट कैप में हुई बढ़ोतरी में इन 15 शेयरों की शेयरों की हिस्सेदारी 40 फीसदी है. 25 मार्च को सरकार ने लॉकडाउन का ऐलान किया था.


इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी 50 इंडेक्स ने 20 फीसदी तक की तेजी दिखाई है. मिडकैप इंडेक्स 16 फीसदी चढ़ा है. कई दिग्गज शेयर अपने मार्च के स्तर से 50 फीसदी चढ़ चुके हैं. मसलन रिलायंस इंडस्ट्रीज मार्च के 943 रुपये से मई में 1,450 रुपये पर पहुंच गया था. इसका मार्केटकैप 3.4 लाख करोड़ रुपये बढ़ा.

भारती एयरटेल ने भी 32 फीसदी की छलांग लगाते हुए 400 रुपये के भाव से 530 रुपये का स्तर हासिल किया है. नेस्ले इंडिया के शेयर 29 फीसदी चढ़कर 17,400 रुपये तक पहुंचे


अभी तक वित्त वर्ष 2020-21 के लिए निफ्टी 50 इंडेक्स का औसत प्रति शेयर आय का अनुमान 13 फीसदी घटा गया है. ब्रोकरेजेज का मानना है कि इसमें अब भी 18 से 20 फीसदी की गिरावट संभव है. ब्रोकरेज फर्म कोटक सिक्योरिटीज का मानना है कि मजबूत बैलेंस शीट वाली कंपनियां ही अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी.

ब्रोककरेज ने कहा, "यदि सुस्ती लंबे समय तक रही, तो मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के कमाई अनुमानों पर असर अधिक होगा. मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियां तेजी के दूसरे चरण में रफ्तार पकड़ सकती हैं." ब्रोकरेज के अनुसार,  ..



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